पोर्टफोलियो शब्द का शाब्दिक अर्थ अर्थात मीनिंग देखा जाये, तो वह किसी विशेष प्रकार की चीजों का समूह को हम उस चीज का पोर्टफोलियो कहते है।

पोर्टफोलियो निर्माण क्या है इसे कैसे किया जाता है?

इसे सुनेंरोकेंएक निवेश पोर्टफोलियो बनाने के लिए एक वित्तीय संस्था आदर्श रूप से अपना स्वयं का निवेश विश्लेषण संचालित करेगी, जबकि एक निजी व्यक्ति, पोर्टफोलियो प्रबंधन की सुविधा प्रदान करने वाले वित्तीय सलाहकार या वित्तीय संस्था की सुविधा ले सकता है।

विद्यार्थी पोर्टफोलियो क्या है?

इसे सुनेंरोकेंविद्यार्थियों द्वारा सम्पन्न कार्यों का उद्देश्यपूर्ण व्यवस्थित संकलन जो विद्यार्थी के उत्तम प्रयासों को दर्शाता है, छात्र पोर्टफोलियो कहलाता है। यह एक फाइल, पैकेट और बैग आदि के आकार का हो सकता है। जिसमें छात्रवार, कक्षावार तथा वर्षवार विद्यार्थियों के उत्कृष्ट कार्यों को सुरक्षित रखा जाता है।

पोर्ट फोलियो क्या है?

इसे सुनेंरोकेंइस पोर्टफोलियो प्रणाली में, प्रत्येक सदस्य को एक विशेष विभाग का एक पोर्टफोलियो सौंपा गया था। पोर्टफोलियो वित्तीय परिसंपत्तियों जैसे कि स्टॉक, बॉन्ड, कमोडिटीज, मुद्राओं और नकद समकक्षों के साथ-साथ उनके फंड समकक्षों, जैसे म्यूचुअल, एक्सचेंज-ट्रेडेड का समूह है।

पोर्टफोलियो क्या है समझाइए?

इसे सुनेंरोकेंPortfolio kya hai (What is portfolio in hindi): Portfolio से हमारा आशय खरीदी गई अनेकों प्रकार की यूनिटों, शेयरों एवं प्रतिभूतियों के समूह से है | कहने का आशय यह है की विभिन्न प्रकार की क्रय की गई यूनिटों, शेयरों या प्रतिभूतियों के समूह को पोर्टफोलियो कहा जाता है ।

पोर्टफोलियो से आप क्या समझते है?

इसे सुनेंरोकेंएक पोर्टफोलियो का अर्थ वित्तीय संपत्तियों और इन्वेस्टमेंट टूल्‍स के संग्रह के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो किसी व्यक्ति, वित्तीय संस्थान या निवेश फर्म द्वारा आयोजित किए जाते हैं। एक लाभदायक पोर्टफोलियो विकसित करने के लिए, इसके मूल सिद्धांतों और इसे प्रभावित करने वाले कारकों से परिचित होना आवश्यक है।

शिक्षा के क्षेत्र में पोर्टफोलियो क्या है?

इसे सुनेंरोकेंपोर्टफोलियो एक प्रकार का फाइल होता है, जिसमें किसी व्यक्ति या बालक के जीवन के सभी क्षेत्रों का क्रमबद्ध जानकारी एकत्रित करके रखा जाता है। सही पोर्टफोलियो का निर्माण यानी किसी बालक की क्या उपलब्धियां है क्या कमियां है इन सभी जानकारी पोर्टफोलियो में संचित रहता है।

पोर्टफोलियो का उद्देश्य क्या है?

इसे सुनेंरोकेंशैक्षिक और गैर-शैक्षिक कार्य की गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिए, अधिगम प्रगति और शैक्षिक उपलब्धि. यह निर्धारित करने के लिए कि विद्यार्थी ने अधिगम मानक या कोर्स के लिए अन्य शैक्षिक आवश्यकताओं ग्रेड स्तर उन्नति और स्नातक प्राप्त कर लिया है.

चाइल्ड पोर्टफोलियो क्या है?

पोर्टफोलियो कैसे लिखते हैं?

इसे सुनेंरोकेंएक अच्छा पोर्टफोलियो बनाने के लिए आपको केवल एक ही जगह इन्वेस्ट करना उचित नहीं हैं। आपको अलग अलग इन्वेस्टमेंट के जरिया में इन्वेस्ट करना चाहिए। जिससे आपका पोर्टफोलियो स्थिर रहे। और लंबे समय में कितना भी गिरावट क्यों ना आए आपको नुकशान ना हो।

पोर्टफोलियो योग्यता क्या प्रस्तुत करता है?

इसे सुनेंरोकेंपोर्टफोलियो मैनेजमेंट उम्र, आय, व्यक्ति की जोखिम लेने की क्षमता और निवेश बजट के आधार पर “सर्वश्रेष्ठ निवेश रणनीति” चुनने का एक सही तरीका है। यह लिए गए जोखिम पर एक गेज रखने में मदद करता है क्योंकि पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की प्रक्रिया “जोखिम न्यूनीकरण” को फोकस के रूप में रखती है।

ई पोर्टफोलियो के कार्य क्या है?

इसे सुनेंरोकेंई-पोर्टफोलियो को एक प्रकार के सीखने के रिकॉर्ड के रूप में माना जा सकता है जो उपलब्धि का वास्तविक प्रमाण प्रदान करता है। सीखने के रिकॉर्ड सीखने की योजना से निकटता से संबंधित हैं , एक उभरता हुआ उपकरण जिसका उपयोग व्यक्ति, टीम, रुचि के समुदाय और संगठन सीखने के प्रबंधन के लिए करते हैं।

पोर्टफोलियो क्या होता है? पोर्टफोलियो के उद्देश्य एवं लक्ष्य (Portfolio Meaning in Hindi)

भारत में नवाचार शिक्षा पद्दति में पोर्टफोलियो को महत्त्व दिया गया है. इसमें छात्र की विद्यालय, घर और समाज की उपलब्धियों का साक्ष्य वर्णित होता है. इसमें विद्यार्थी की विभिन्न कौशलों में पारंगतता का भी प्रदर्शन होता है. उनकी वे सभी कौशलें होती हैं, जिनका मापन परीक्षाओं द्वारा नहीं होता है.स्कूली शिक्षा को सफल बनाने के लिए पोर्टफोलियो अनिवार्य होता है. तो आज मैं आपसे Portfolio Kya Hai? के बारे में बात करेंगे.

पोर्टफोलियो क्या है.

पोर्टफोलियो एक प्रकार का रिपोर्ट कार्ड या फाइल होता है, जिनमें विद्यार्थी की शैक्षिक और गैर -शैक्षिक, सही पोर्टफोलियो का निर्माण सभी तरह की जानकारी को क्रमबद्ध तरीके से एकत्रित करके रखा जाता है.

साधारण भाषा में कहा जाए तो, विद्यार्थी की उपलब्धियों और कमियों सही पोर्टफोलियो का निर्माण का रिकॉर्ड पोर्टफोलियो में रखा जाता है. इसमें बालक के पूर्व निर्धारित क्रेडिट प्रदान किये जाते हैं, जो अगली कक्षा में जाने के लिए अनिवार्य होते हैं. ये क्रेडिट पुरे एक शैक्षिक सत्र या दो शैक्षिक सत्रों के आधार पर दिए जा सकते हैं.

पोर्टफोलियो के उद्देश्य

  • शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कार्य की गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिए, अधिगम प्रगति और शैक्षिक उपलब्धि.
  • यह निर्धारित करने के लिए कि विद्यार्थी ने अधिगम मानक या कोर्स के लिए अन्य शैक्षिक आवश्यकताओं ग्रेड स्तर उन्नति और स्नातक प्राप्त कर लिया है.
  • विद्यार्थी को उसके शैक्षिक लक्ष्यों और प्रगति को अधिगमनकर्ता के रूप में प्रतिबिंबित करने की सहायता के लिए.
  • शैक्षिक कार्य का अंतिम परिणाम,उपलब्धियों और लेख को दर्शाना भी पोर्टफोलियो का उद्देश्य होता है.

विद्यार्थियों के पोर्टफोलियो करने वालों का तर्क है कि पोर्टफोलियो के पुनर्निरीक्षण और समयांतर विद्यार्थी के कार्य का मूल्यांकन अधिक गहन और सही तस्वीर प्रस्तुत करता है, कि विद्यार्थी ने क्या अधिगम किया है और वह क्या करने योग्य है. अपेक्षाकृत मानकीकृत परीक्षणों, प्रतियोगिता या परंपरागत गत वार्षिक परीक्षा के जो केवल एक समय विशेष पर विद्यार्थी क्या जनता है को बताते हैं.

पोर्टफोलियो के लक्ष्य

पोर्टफोलियो स्कूल स्तर पर तैयार किये जाते हैं और विशेष कसौटी तथा मानक पर आधारित होते हैं. विद्यार्थी इन मानकों का प्रयोग योजना बनाने, अपने साक्ष्य संकलन और प्रस्तुतीकरण तथा स्व-अंकन के लिए निर्देशक के रूप में प्रयोग करते हैं. यह कसौटियां और मानकों का प्रयोग अध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों के साक्ष्यों आकलन सही पोर्टफोलियो का निर्माण और अंक अथवा ग्रेड देने के लिए प्रयोग किये जाते हैं. पोर्टफोलियो के लक्ष्य निम्नलिखित है,

निवेश Portfolio बनाते समय ध्यान देने योग्य बाते

how to build stock portfolio for beginners

निवेश Portfolio बनाते समय ध्यान देने योग्य बाते ! how to build stock portfolio for beginners In Hindi

यदि आप अपना निवेश पोर्टफोलियो ( Investment Portfolio ) बनाने के बारे सही पोर्टफोलियो का निर्माण में सोच रहे है तो आप बिल्कुल सही जगह पर है ! आज के इस लेख में हम बात करने वाले है कि एक बेहतर निवेश पोर्टफोलियो कैसे बनाया जाता है , ताकि हम अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल कर सके ! दोस्तों एक बेहतर स्टॉक पोर्टफोलियो का निर्माण हमे बहुत कम समय में अमीर बना सकता है ! तो आइये जानते है एक अच्छा निवेश पोर्टफोलियो बनाते समय हमें किन बातो का ध्यान रखना जरुरी है how to build stock portfolio for beginners In Hindi

सबसे पहले हम यह जान लेते है कि Portfolio क्या होता है ?

पोर्टफोलियो क्या है ? ( What Is Portfolio In Hindi )

एक पोर्टफोलियो वह होता है जिसमे हमारे द्वारा निवेश की गई राशी कितनी है , वह किन – किन जगहों पर निवेश की गई है और वर्तमान में उस निवेशित राशी की वैल्यू क्या है इन सभी बातो का विवरण होता है !

साधारण शब्दों में हम कह सकते है कि Portfolio निवेश की वह सूची होती है जिसमे यह उल्लेख रहता है कि आपके द्वारा कितनी अमाउंट किन – किन जगहों पर निवेश की गई है और वर्तमान में उस निवेश राशी पर हमें कितना रिटर्न मिल रहा है !

निवेश पोर्टफोलियो बनाते समय ध्यान देने योग्य बाते

निवेश पोर्टफोलियो बनाते समय हमें निम्न बातो का ध्यान रखना चाहिए –

1 ) आयु और समय

एक अच्छा निवेश पोर्टफोलियो बनाते समय हमें अपनी आयु का ध्यान रखना चाहिए ! कम आयु वाले व्यक्ति अधिक जोखिम वाले विकल्प को चुन सकते है क्योंकि उनके पास निवेश का समय अधिक रहता है जिससे वे अधिक जोखिम वाले विकल्पों को चुन सकते है और अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते है ! वही यदि आपकी आयु अधिक है तो आपको समय सीमा कम रखते हुए कम रिस्क वाले फंड्स में निवेश करना चाहिए !

2 ) निवेश के उद्देश्य

हमारे निवेश के उद्देश्य स्पष्ट होने चाहिए ! यदि आप बहुत कम समय में अधिक रिटर्न चाहते है तो आपकी निवेश की रणनीति आक्रामक होनी चाहिए ! उद्देश्य स्पष्ट होने से आप उस हिसाब से अपने निवेश पोर्टफोलियो का निर्माण कर सकते है !

3 ) कर छुट का लाभ

यदि आप कर छुट का लाभ लेना चाहते है तो ऐसे कई विकल्प है जो आपको कर छुट का लाभ देते है ! यदि आप कर छुट को अधिक प्राथमिकता देते है तो आपके पोर्टफोलियो में कर बचत निवेश अधिक होना चाहिए !

4 ) राशी तय करे

आपको निवेश से पहले वह अमाउंट तय करनी होगी जिनका आप निवेश करना चाहते है और साथ में यह भी तय करना होगा कि आप उस राशी को किन – किन सेक्टरो में निवेश करना चाहते है !

5 ) अधिक सेक्टर में निवेश

आपको अपना निवेश पोर्टफोलियो बनाते समय पूरी राशी को किसी एक ही सेक्टर में निवेश नहीं करना चाहिए बल्कि इसके लिए कम से कम 4 से 5 सेक्टर चुने और उसमे निवेश करे ! एक सेक्टर में निवेश करने से आपको इसलिए बचना चाहिए ताकि वह सेक्टर गिर भी जाये तो आपको अधिक नुकसान न उठाना पड़े !

दोस्तों उम्मीद करता हूँ how to build stock portfolio for beginners In Hindi आपको जरुर अच्छा लगा होगा , हमें कमेंट जरुर करे !

Related Post :

  • एक अच्छा शेयर ब्रोकर कैसे चुने ?
  • डीमैट अकाउंट क्या है ? और यह कैसे काम करता है ?
  • SIP क्या है ? और इसके फायदे क्या है ?
  • What Is Share Market In Hindi ( Full Guide )- शेयर मार्केट क्या है ?

I Am Adv. Jagdish Kumawat. Founder of Financeplanhindi.com . Here We Are Share Tax , Finance , Share Market, Insurance Related Articles in Hindi.

Portfolio का क्या मतलब होता है Portfolio meaning in hindi

हेलो दोस्तों, में आपका एक बार फिर से स्वागत करता हूँ, आप सभी ने अलग- अलग जगहों पर इस शब्द “पोर्टफोलियो” को जरूर सुना होगा या पढ़ा होता , आइये आज हम इस पोर्टफोलियो को समझने की कोशिश करते है। आज हम जानेंगे की पोर्टफोलियो शब्द का शाब्दिक अर्थ अर्थात इसका मीनिंग [Portfolio meaning in hindi] क्या होता है , शेयर मार्केट में इसका क्या महत्व सही पोर्टफोलियो का निर्माण है , पोर्टफोलियो के कितने प्रकार होते है और अंत में जानेंगे की आप कैसे अपनी आवश्यकता के अनुसार एक सही पोर्टफोलियो बना कर शेयर मार्केट में ज्यादा से ज्यादा लाभ कमा सकते है।

पोर्टफोलियो शब्द का शाब्दिक अर्थ अर्थात मीनिंग देखा जाये, तो वह किसी विशेष प्रकार की चीजों का समूह को हम उस चीज का पोर्टफोलियो कहते है।

यह समूह किसी का भी हो सकता है । यदि हम शेयर मार्केट के सन्दर्भ में पोर्टफोलियो शब्द को परिभाषित करे तो यहाँ इसका अर्थ होता है हमारे विभिन्न प्रकार के निवेशों के समूह से, जिस प्रकार एक निवेशक स्टॉक्स, Govt. बांड्स , इक्विटी , मुद्रा, कमोडिटीज इत्यादि में निवेश करता है तो यह निवेश सामूहिक रूप से उसका पोर्टफोलियो कहलाता है।

अगर कोई व्यक्ति म्युचुअल सही पोर्टफोलियो का निर्माण फंड में विभिन्न केटेगरी में निवेश करता है, तो वह उसका म्युचुअल फंड का पोर्टफोलियो हो जाता है इस पोर्टफोलियो में वह अपनी रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से इक्विटी फंड से लेकर सुरक्षित डेब्ट फंड, लिक्विड फंड या बांड फंड को रख सकता है और सभी म्युचुअल फंड जिसमे की व्यक्ति का निवेश है वो उसका पोर्टफोलियो कहलाता है।

कोई भी निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार अपने पोर्टफोलिओ को और छोटे पोर्टफोलियो में विभाजित कर सकता है।

पोर्टफोलियो का शेयर मार्केट में क्या महत्व है?

पोर्टफोलिओ निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह होते है की इससे आप अपने सभी निवेशों पर नजर रख सकते है, साथ ही साथ समय समय पर सही परिवर्तन करके के आप अपने जोखिम को कम कर सकते है। पोर्टफोलियो की मदद से आपको अपने निवेशों से हो रहे फायदे और नुकसान की जानकारी मिलती रहती है जिससे आपको निर्णय लेने में आसानी होती है।आप अपनी सुविधा और अपने जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर एक अच्छे पोर्टफोलियो का निर्माण कर सकते है, जो भविष्य में आपकी जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ आपको शेयर मार्केट में आने वाले उतार चढ़ाव के जोखिम से आपको बचाता भी है। अगर आप अपने पोर्टफोलियो को सही ढंग से नहीं चुनते है, उसमे सही स्टॉक्स, बांड्स इत्यादि को सही समय पर सम्मिलित नहीं करते है तो आपके लिए जोखिम बढ़ सकता है, जिससे आपको नुकसान होने की भी सम्भावना रहती है। एक अच्छा निवेशक अपने पोर्टफोलियो को बहुत सारे छोटे हिस्सों में बाँट कर रखता है, और हर एक हिस्से के अपने अलग अलग फायदे और नुकसान होते है ।

पोर्टफोलियो के कितने प्रकार होते है ?

आइये सही पोर्टफोलियो का निर्माण जानते है पोर्टफोलियो के प्रकारो को उनसे जुड़े जोखिम के आधार पर।

रक्षात्मक पोर्टफोलियो [ Defensive Portfolio ] –

एक रक्षात्मक निवेशक ऐसे स्टॉक्स और फंड्स में निवेश करता है जिनमे रिस्क कम हो , एक ऐसा पोर्टफोलियो जिसमे कम रिस्क वाले लार्जकैप शेयर, ब्लू चिप फंड, बांड्स और डेब्ट फंड सम्मिलितऔर जिसमे नुकसान का जोखिम भी कम हो ऐसा फंड्स का समूह रक्षात्मक पोर्टफोलियो कहलाता है । ऐसा पोर्टफोलियो (meaning in hindi) उन निवेशकों के लिए उचित होता है जिन्हे कम जोखिम के साथ लम्बे समय में एक फिक्स लाभ प्रति वर्ष चाहिए होता है। अधिकांशतः अधिक उम्र के निवेशक जिन पर अधिक लायबिलिटीज होती है वे इस प्रकार के पोर्टफोलियो का निर्माण करते है।

संतुलित पोर्टफोलियो [ Balanced Portfolio ]-

यदि आप अपने पोर्टफोलियो में सभी प्रकार के फंड मिलते है और एक अच्छा बैलेंस्ड फोर्टफोलिओ बनाते है, जिसमे डेब्ट फंड, govt बांड्स के साथ साथ ऐसे स्टॉक्स भी हो जिनमे अधिक जोखिम के साथ अधिक मुनाफे के आसार हो तो इन सभी के मिलने से एक माध्यम जोखिम वाले पोर्टफोलियो का निर्माण होता है।

यह फंड डेब्ट फंड्स से अधिक रिस्की लेकिन इक्विटी फंड्स से कम रिस्की होता है। अगर आप माध्यम उम्र के निवेशक है तो आप bluechip कंपनी में इन्वेस्ट कर अपने जोखिम को और कम कर सकते है। इस प्रकार की कंपनी में हर साल तो फिक्स return सही पोर्टफोलियो का निर्माण मिलता है।

आक्रामक पोर्टफोलियो [ Aggressive Portfolio ]-

यदि आप एक आक्रामक निवेशक है जो अधिक रिस्क ले कर कम समय में अधिक लाभ कमाने में रूचि रखते है तो आपको एक ऐसा पोर्टफोलियो बनाना चाहिए जिसमे स्माल कैप या लार्ज कैप ग्रोथ स्टॉक्स और साथ ही साथ मल्टीबैग्गेर बनाने की क्षमता रखने वाले स्टॉक्स सम्मिलित हो। इस प्रकार का पोर्टफोलियो उन निवेशकों के लिए उचित है जो अधिक रिस्क लेने की क्षमता रखते है साथ ही साथ जिनकी लायबिलिटीज भी कम है।

कम उम्र के अनुभवी निवेशक प्रायः इस प्रकार के पोर्टफोलियो का निर्माण कर अधिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते है, लेकिन यदि आपको स्टॉक मार्केट में आने वाले उतर चढ़ाव का अनुभव नहीं है तो आपको इस प्रकार के स्टॉक्स में निवेश करने से बचना चाहिए व कम रिस्क वाले स्टॉक्स में ही निवेश कर अनुभव प्राप्त करना चाहिए । इस प्रकार के पोर्टफोलियो में सही पोर्टफोलियो का निर्माण सम्मिलित स्टॉक्स काफी रिस्की होने के कारन इसमें नुकसान होने की सम्भावना भी अधिक होती है ।

तो क्या हमारा ये लेख आपके लिए लाभदायक था, अगर हाँ तो प्लीज आप अपने विचार हमे अपने कमैंट्स में जरूर बताये। और आप भी पोर्टफोलियो [Portfolio Meaning] के बारे में और जानकारी देना चाहते है वो भी आप कमेंट में लिख सकते है। हम आप लोगो के लिए इसी प्रकार के जानकारी से भरे लेख लाते रहते है।

रेटिंग: 4.75
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 152