SGX Nifty

A >> SGX is one of the leading stock exchanges in Asia, movement on which somehow reflects in other stock indices in the continent.
SGX Nifty is Singapore Stock Exchange Nifty, which implies the Indian CNX Nifty traded in Singapore exchange.
It is a very popular derivative product of Singapore Exchange as it allows foreign investors to take a position in Indian Market.
In Singapore Exchange, Indian stocks cannot be traded but it allows future products like SGX Nifty Futures.
Thus, it is the derivative product of Singapore Exchange facilitating futures trading of underlying NSE Nifty index. It allows FII’s and other individuals to invest in Nifty Futures.

A >> Since trading is done for NSE Index, Singapore Nifty is settled on the basis of the closing price of NSE Index price (S&P CNX Nifty). Trading Timings – There are two types of Contracts in SGX with different settlement periods –
1- E – SGX QUEST (T) Settlement same day, Timings- Mon-Fri – 9:00 am – 6:15 pm (6:30 am – 3:45 pm IST)
2- E* – SGX QUEST (T+1) Settlement next day, Timings- Mon-Fri – 7:15 pm – 1:00 am (4:45 pm – 10:30 pm IST)
These शेयर मार्केट चार्ट क्या है two contracts have different trading timings which enable traders all over the world to trade in SGX even if the market is closed. FII’s invest in Indian future contracts through SGX Nifty and India is 2.5 hours behind Singapore. SGX opens at 9:00 AM in Singapore i.e. 6:30 AM as per IST (Indian Standard Time).

A >> By tracking Singapore Nifty, we can predict the initial direction of Indian Stock market.
Singapore market opens around 2 hours before Indian market and directly relates to NSE market.
It moves with respect to the Indian Nifty and hence can be used as a tool to predict the Indian market providing initial direction to the Indian market.
Moreover, both India and Singapore fall in the same continent, which co-related both the markets and one most often decides the sentiments of the other market.
This also makes it easy for Indian advisory and financial institutions to give trading recommendations on Nifty before opening.

A >> Very first thing in the morning any Indian trader does is getting news on SGX Nifty Live on Singapore stock exchange, which trades before opening of Indian market . At what level SGX Nifty Live is trading will gives an indication of what will be the probable trend in Indian stock market when they will open for trading.
The second thing would be listening on TV to technical analysts views on Nifty intraday and checking with financial advisors over a phone or through online or by way of SMS alerts.
This whole thing sums up how crucial Nifty movement is for Indian markets. Technical analysis is perhaps the only logical way to find an answer to which direction Nifty will be moving in current market situation.

A >> Trading in the Indian stock market is no longer a complicated task; thanks to the online phenomenon and शेयर मार्केट चार्ट क्या है IT conveniences. Both the NSE and BSE, the main index of the Indian market, have adopted the latest technology for smooth operations, also facilitating investors to trade online. At one time BSE and NSE trading was not all investors’ cup of tea. Physical presence, lots of paperwork, lack of live market news, Live SGX Nifty News etc. attracted few investors. With the online trend incorporated, BSE and NSE trading became an effortless affair.
The NSE and BSE market have already been attracting foreign investors. It is not only foreign investors but also domestic investors who can look forward towards seeing their money multiply from many NSE and BSE stock. Before you put in your money, do conduct a market research and stay updated with market news so that whatever stock you choose no matter whether it is NSE or BSE stock, turns out to be lucrative for you.
With brokerage portals providing solutions to investors online, more and more investors are attracted towards BSE and NSE trading. All you need to do is get registered at the platform and start availing services. Choose only a reputed brokerage solutions provider, one that offers solutions beyond brokerage.

Share Market Update: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स और निफ्टी में फिर गिरावट, FPI भी निकाल रहे पैसा

Share Market Investment: शेयर बाजार की शुरुआत फिर से गिरावट के साथ हुई है. वहीं भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी का सिलसिला जुलाई में भी जारी है.









Share Market Update: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स और निफ्टी में फिर गिरावट, FPI भी निकाल रहे पैसा

Nifty Chart: शुक्रवार को जहां शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी तो वहीं आज सोमवार 11 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले हैं. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स की शुरुआत लाल निशान में हुई है. वहीं कुछ विदेशी बाजार भी गिरावट के साथ कोराबार करते हुए दिखाई दिए हैं. इसके साथ ही भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. आज सेंसेक्स में 200 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिली है. वहीं निफ्टी भी 80 अंकों से ज्यादा टूट गया. इसके साथ ही लगभग सभी इंडेक्स गिरावट के साथ खुले हैं.

गिरावट के साथ खुला बाजार

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लाल निशान में रही. वहीं सेंसेक्स में 233.24 अंक (0.43%) की गिरावट दिखी. इसके साथ ही सेंसेक्स 54248.60 के स्तर पर खुला. वहीं निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई है. निफ्टी 84.45 अंक (0.52%) गिरकर 16136.15 के स्तर पर खुला. इससे पहले आठ जुलाई शुक्रवार को बाजार में तेजी देखने को मिली थी. शुक्रवार को सेंसेक्स में 303.38 अंकों (0.56%) की बढ़त देखने को मिली. इसके साथ ही सेंसेक्स 54,481.84 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी में 87.70 अंकों (0.54%) की तेजी देखी गई. इसके साथ ही निफ्टी 16,220.60 के स्तर पर बंद हुई.

इस हफ्ते इन पर नजर

वहीं स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस हफ्ते आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगी. इसके अलावा वैश्विक रुझान और विदेशी कोषों का रुख भी बाजार की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा. विश्लेषकों का कहना है कि बाजार भागीदारों की निगाह इसके साथ ही रुपये के उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी.

इनके आएंगे आंकड़े

इस सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के तिमाही नतीजे आएंगे. इसके अलावा 12 जुलाई को औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) के साथ ही 14 जुलाई को थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़े आने हैं.

एफपीआई की निकासी

वहीं भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की निकासी का सिलसिला जुलाई में भी जारी है. हालांकि, अब एफपीआई की बिकवाली की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है. डॉलर में मजबूती और अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बीच एफपीआई ने जुलाई में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे हैं. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एक से आठ जुलाई के दौरान एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजारों से शुद्ध रूप से 4,096 करोड़ रुपये की निकासी की है.

जून में भी निकाले रुपये

वहीं जून में एफपीआई ने 50,203 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे. यह मार्च, 2020 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. उस समय एफपीआई की निकासी 61,973 करोड़ रुपये रही थी. इस साल एफपीआई भारतीय शेयरों से 2.21 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. इससे पहले 2008 के पूरे साल में उन्होंने 52,987 करोड़ रुपये की निकासी की थी. एफपीआई की निकासी की वजह से रुपया भी कमजोर हुआ है. हाल में रुपया 79 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया.

ये ख़बर आपने पढ़ी देश की सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेबसाइट पर

Yes Bank Share : 10 दिन में 25% टूटा यस बैंक का शेयर, क्या कह रहे चार्ट? एक्सपर्ट्स से जानिए प्राइस टार्गेट

यस बैंक के शेयर (Yes Bank Share) की कीमत में बीते कुछ दिनों से गिरावट देखने को मिल रही है। 24.75 रुपये के 52 वीक हाई पर पहुंचने के बाद यह शेयर 25 फीसदी टूट चुका है। यह शेयर 13 दिसंबर को अपने 52 वीक हाई पर पहुंचा था। इस तरह सिर्फ दस दिन में ही यह शेयर 25 फीसदी टूट गया। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में यह शेयर बीएसई पर 4.49 फीसदी या 0.85 रुपये की गिरावट के साथ 18.10 पर ट्रेड करता दिखा। एक्सपर्ट्स के अनुसार यस बैंक के शेयर में यह गिरावट खरीदारी का एक अच्छा मौका लेकर आई है। कमजोर बाजार सेंटिमेंट के चलते गिरे इस शेयर में हाई रिस्क ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स कमाई का मौका ढूंढ सकते हैं। टेक्निकल चार्ट्स को देखते हुए इस शेयर के लिए एक्सपर्ट संभावित टार्गेट (Yes Bank Share Target) 32-49-70 रुपये का दे रहे है।

70 रुपये तक जा सकती है कीमत

यस बैंक ने इस साल अपना कुछ नुकसान कम करने की कोशिश की है। साल 2022 में यह शेयर करीब 40 फीसदी ऊपर आया है। टेक्निकल चार्ट शेयर मार्केट चार्ट क्या है शेयर मार्केट चार्ट क्या है पैटर्न यह बताता है कि शेयर में तेजी अभी पूरी नहीं हुई है। बैंकिंग स्पेस में जिस तरह का रुझान है, उसे देखते हुए यह शेयर अगले 6 से 12 महीने में 32-49-70 रुपये तक जा सकता है। यह शेयर पिछले छह महीने में 50 फीसदी उछला है। इसी उछाल के चलते इसने दिसंबर में 52 हफ्ते का उच्च स्तर दर्ज किया। हालांकि, मौजूदा बाजार स्थिति के चलते इसमें मुनाफावसूली दिखी है। ट्रेडर्स 18 से 20 रुपये की कीमत पर इस शेयर को 6-12 महीने में 49-70 रुपये के टार्गेट के लिए खरीद सकते हैं। अधिकतर टेक्निकल इंडिकेटर्स यस बैंक के शेयर के लिए तेजी का संकेत दे रहे हैं।

18-20 रुपये में खरीदने का अच्छा मौका

वेंचुरा सिक्युरिटीज के प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) भारत गाला ने कहा, 'यस बैंक शेयर की कीमत ने एक केल्टनर चैनल ब्रेकआउट दिया और 24.75 का हाई बनाया। यह चैनल्स ऊपर की ओर ट्रेड करने लगे हैं।' केल्टनर चैनल्स एक ट्रेंड को फॉलो करने वाला इंडिकेटर है। जिसका इस्तेमाल चैनल ब्रेकआउट और चैनल डायरेक्शन के साथ रिवर्सल की पहचान करने के लिए किया जाता है। गाला ने कहा कि संकेतक एक संभावित अपट्रेंड का संकेत दे रहे हैं। संभावित टार्गेट 32-49-70 है। गाला ने कहा कि शेयर को 16 रुपये के स्टॉप लॉस के साथ 18-20 रुपये की कीमत में खरीदा जा सकता है।

यस बैंक की वित्तीय सेहत में आया सुधार

एक्सपर्ट्स का कहना है पिछले कुछ वर्षों में यस बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार लेकर आया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय यस बैंक का शेयर अपने लोअर सपोर्ट 18 रुपये के करीब है। 18 से 19 रुपये के बीच यह शेयर हाई रिस्क इन्वेस्टर्स के लिए एक्युमुलेशन जोन में है। एक्सपर्ट्स इस शेयर के लिए 34 रुपये का मीडियम टर्म टार्गेट दे रहे हैं। यस बैंक ने दो साल कंसोलिडेट रहने के बाद 20 रुपये का लेवल क्रॉस किया है। यह निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत है। वहीं, 25 रुपये एक महत्वपूर्ण बैरियर है, जहां मुनाफावसूली देखने को मिलती है।

बैंकिंग शेयर अच्छा कर रहे परफॉर्म

बैंकिंग शेयरों ने पिछले कुछ महीनें में अच्छा परफॉर्म किया है। मिड साइज के बैंकों में भी अच्छा खरीदारी रुझान देखने को मिला है। इस सेक्टर में यस बैंक ने एक शार्प अपसाइड मूव देखा है। वहीं, अगर हम चार्ट को देखें तो शेयर अगस्त 2022 से 15.50 से 18 रुपये की रेंज में कंसोलिडेट कर रहा है।

क्या कह रहे चार्ट

कीमत के मोर्चे पर देखें तो शेयर प्राइस 5 और 10 डीएमए से नीचे ट्रेड कर रहा है। जबकि यह शेयर मार्केट चार्ट क्या है अभी भी 20, 30, 50, 100 और 200 डीएमए के ऊपर ट्रेड कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 54.4 पर है। 30 से नीचे का आरएसआई ओवरसोल्ड का संकेत देता है और 70 से ऊपर का आरएसआई ओवरबॉट का संकेत देता है। एमएसीडी सेंटर और सिग्नल लाइन से ऊपर है। यह भी तेजी का संकेत दे रहा है।

404 रुपये से गिरना हुआ था शुरू

यस बैंक के शेयर की कीमत ने अगस्त 2018 में 404 रुपये की कीमत से गिरना शुरू किया था। गिरते-गिरते इस शेयर की कीमत मार्च 2020 में 5.55 रुपये पर आ गई थी। इसके बाद दिसंबर 2020 में इसमें रिकवरी आई और कीमत 20.83 रुपये पर पहुंची। इसके बाद से यह शेयर मार्च 2021 से नवंबर 2022 के बीच 10 से 18 रुपये की रेंज में ट्रेड करता रहा।

Midcap Stocks to शेयर मार्केट चार्ट क्या है Buy: ये मिडकैप शेयर कराएंगे तगड़ी कमाई, एक्सपर्ट्स को है भरोसा, जान लें TGT और स्टॉपलॉस

Midcap Stocks to Buy: कंपनियों की परफॉर्मेंस और स्टॉक की चार्ट परफॉर्मेंस के एनालिसिस के साथ आपको आज के SPL Midcap Stocks में एक्सपर्ट्स बताएंगे कि कौन से शेयरों में तगड़ा रिटर्न मिल सकता है.

Best Midcap Stocks: बाजार की उतार-चढ़ाव के बीच कुछ मिडकैप शेयर हैं, जिनपर स्टॉक एक्सपर्ट्स भरोसा जता रहे हैं. शॉर्ट टर्म से लेकर लॉन्ग टर्म तक में आप मिडकैप इंडेक्स में अच्छा दांव लगा सकते हैं. कंपनियों की परफॉर्मेंस और स्टॉक की चार्ट परफॉर्मेंस के एनालिसिस के साथ आपको आज के SPL Midcap Stocks में एक्सपर्ट्स बताएंगे कि कौन से शेयरों में तगड़ा रिटर्न मिल सकता है. SMIFS के शरद अवस्थी और MSFL के जय ठक्कर ने आज ऐसे 6 शेयर चुने हैं जहां आप शॉर्ट, लॉन्ग और पोजीशनल टर्म में पैसा लगा सकते हैं. इन शेयरों में शामिल हैं- CreditAccess Grameen, KEC International, Balaji Amines, Jyothy Labs, Wockhardt और Star Health. एक्सपर्ट्स से इनका टारगेट प्राइस और स्टॉपलॉस भी जान लेते हैं.

शॉर्ट टर्म, पोजीशनल और लॉन्ग टर्म के लिए SMIFS के शरद अवस्थी ने दिए हैं ये 3 बेहतरीन Midcap Stocks

1. Short Term- CreditAccess Grameen

महिला स्वयं-सहायता समूहों को फाइनेंस करने वाली कंपनी है. इसका करंट लेवल 863 के आसपास है. 1000/1050 का टारगेट रहेगा. टारगेट प्राइस पर रहेगा. आने वाले समय में 25% इसकी पैरेंट कंपनी है CreditAccess NV स्ट्रॉन्ग कंपनी है. हाल-फिलहाल में इनको फंड इकट्ठा करने की जरूरत नहीं लग रही.

2. Positional Term- KEC International

केईसी इंटरनेशनल आरपीजी ग्रुप की कंपनी है. अगले दो साल काफी अच्छे रहेंगे. रेलवे में साढ़े तीन-चार हजार करोड़ का बिजनेस है. अर्निंग और रेवेन्यू ग्रोथ काफी स्ट्रॉन्ग रहेगी. ऑर्डरबुक पिछले साल में काफी रोबस्ट रहा है. अभी यह 445 के आसपास चल रहा है. इसका टारगेट 630 पर रहेगा.

3. Long Term- Balaji Amines

काफी अच्छी कंपनी है. काफी प्रॉडक्ट्स में बड़ा ओहदा है. अगले दो सालों में अर्निंग्स में 18-20% तक CAGR रह सकती है. इस स्टॉक का करंट लेवल 2697 के आसपास है. 4500 का टारगेट रहेगा.

शॉर्ट टर्म, पोजीशनल और लॉन्ग टर्म के लिए SMIFS के शरद अवस्थी से 3 बेहतरीन #MidcapStocks

Short Term- CreditAccess Grameen

Positional Term- KEC International

शॉर्ट टर्म, पोजीशनल और लॉन्ग टर्म के लिए MSFL के जय ठक्कर को पसंद हैं ये 3 Midcap Stocks

1. Short Term- Jyothy Labs

शॉर्ट टर्म के लिए ज्योति लैब्स आज की पिक रहेगी. यह अभी 201 के आसपास ट्रेड कर रहा है. 270 के टारगेट के लिए खरीदकर चलना है. 170 का स्टॉपलॉस रखना है. इसमें 1:2 का

2. Positional Term- Wockhardt

पोजीशनल पिक में वोकहार्ट को चुना है. फार्मा स्टॉक है. वीकली वॉल्यूम्स में अपटिक देखने को मिल रहा है. 235 के आसपास ट्रेड करने को मिल रहा है. रिस्क-रिवॉर्ड व्यू से इसे 323/350 के टारगेट के लिए खरीदकर चलना है. 202 का स्टॉपलॉस रहेगा.

3. Long Term- Star Health

स्टार हेल्थ के स्टॉक में लिस्टिंग के बाद अच्छा-खासा करेक्शन दिखा, इसके बाद शार्प रिकवरी आई. अभी यह 580 के आसपास ट्रेड कर रहा है. 470 के नीचे का स्टॉपलॉस रहेगा. 902 के लिए खरीदकर चलना है.

शॉर्ट टर्म, पोजीशनल और लॉन्ग टर्म के लिए MSFL के जय ठक्कर से 3 बेहतरीन #MidcapStocks

Short Term- Jyothy Labs

Positional Term- Wockhardt

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में ट्रेडिंग की सलाह अलग-अलग स्टॉक एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

Stock Market Trading Tips: स्‍टॉक ट्रेडिंग से चाहिए मुनाफा तो टेक्निकल एनालिसिस पर करें गौर, चुन सकेंगे सही शेयर

Stock Market Trading Tips: स्‍टॉक ट्रेडिंग से चाहिए मुनाफा तो टेक्निकल एनालिसिस पर करें गौर, चुन सकेंगे सही शेयर

नई दिल्‍ली, समीत चव्हाण। शेयर बाजार के निवेशक निवेश करते समय आने वाली दिक्कतों को समझते हैं, खासकर जब अस्थिरताओं पर आवश्यक जानकारी नहीं मिल पाती। बाजार में उतार-चढ़ाव के समय अनिश्चितता और बढ़ जाती है, तब निवेशक मूल्य में उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी नहीं कर पाते। औसत निवेशक आमतौर पर अपने निवेश/पोर्टफोलियो मैनेजर की सलाह पर या विशेषज्ञों की भविष्यवाणियों पर दांव लगाते हैं। टेक्निकल एनालिसिस की मदद से निवेशक स्टॉक चार्ट को देखकर इनसाइट्स प्राप्त कर पाते हैं और उन्हें स्टॉक में निवेश से जुड़े कैलकुलेशंस और जोखिम की जानकारी देते हैं जिससे वे हायर रिटर्न्स प्राप्त कर पाते हैं।

एक निश्चित अंतराल में शेयरों की कीमत और वॉल्यूम वैरिएशंस का अध्‍ययन करते हुए भविष्य के लिए कीमत का पूर्वानुमान आसान हो जाता है। टेक्निकल एनालिसिस 100 प्रतिशत सटीकता के साथ परिणाम प्रदान नहीं करता, यह सच है लेकिन जब बाजार में सुस्ती छाई हो तो सही विकल्प चुनने में यह मूल्यवान मददगार होता है। निवेश करते समय लोगों को टेक्निकल एनालिसिस के निम्‍नलिखित फीचर्स को समझना आवश्यक है।

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग

शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल करते हैं और उनके लिए यह एक भरोसेमंद टूल है जो उन्हें स्टॉक के मौजूदा ट्रैजेक्टरी का अंदाज लगाने में मदद करता है। चूंकि, यह अपेक्षाकृत सीमित समयसीमा में शेयरों को खरीदने, बेचने या रखने के लिए एक रिस्की तरीका हो सकता है, पैटर्न और ट्रेंड्स का अध्ययन करने के लिए किसी विधि या कुछ टूल्स पर निर्भरता जोखिम को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। इसके अलावा ट्रेडर्स इसका इस्तेमाल अनिश्चित निवेशकों को बाहर निकालने शेयर मार्केट चार्ट क्या है के लिए एक टूल के रूप में करते हैं। यह प्रॉमिसिंग स्टॉक्स पहचानने और सुविधाजनक निर्णय लेने का लाभ प्रदान करता है।

एंट्री और एक्जिट पॉइंट्स

स्टॉक चार्ट का एनालिसिस करके निवेशक शेयरों को खरीदने और बेचने के लिए अपने एंट्री और एक्जिट पॉइंट्स का समय निर्धारित कर पाते हैं। यह डिमांड और सप्लाई को समझने के साथ ही ट्रेंड्स को तोड़ने और अधिक से अधिक रिटर्न हासिल करने का समय तय करने में मदद करता है। स्टॉक के बारे में बहुत सारी जानकारी अक्सर लोगों को भ्रमित करती है और उनके निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती है, ऐसे में टेक्निकल एनालिसिस महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स को सरल बनाता है, निवेशकों के लिए ट्रेडिंग को सुव्यवस्थित करता है।

कीमत के पैटर्न्स का एनालिसिस

स्टॉक ट्रेडिंग में बुद्धिमानी से भरे निर्णय लेने के सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक होने के नाते टेक्निकल एनालिसिस से प्राइस पैटर्न का एनालिसिस निवेशकों को बेस्ट प्राइस पर खरीदने या बेचने में काफी मदद कर सकता है। इससे उन्हें मूवमेंट और ओवर-वैल्यूएशन से बचने की अनुमति मिलती है क्योंकि बदलते मूल्यों की भविष्यवाणी आसान हो जाती है। वे संभावित टारगेट तय करने में भी उपयोगी हो सकते हैं, वहीं शुरुआती ट्रेंड रिवर्सल भी पहचाना जा सकता है। जैसे पैटर्न खुद को दोहराते हैं, निवेशकों को सूचित निर्णय लेने में मदद मिलती है। रोजमर्रा के कामों में टेक्निकल एनालिसिस लागू नहीं होते।

सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

इस परिदृश्य में लंबी अवधि तक शेयरों की कीमत में एक सीमा में उतार-चढ़ाव दिखता है, जिससे स्टॉक की बिक्री और खरीद पर भविष्यवाणी करना और कॉल लेना मुश्किल हो जाता है। टेक्निकल एनालिसिस की सहायता से स्टॉक चार्ट के भीतर सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों की पहचान करने से निवेशक को खरीदने या बेचने के बारे में निर्णय लेने के लिए प्रासंगिक विकल्प मिल सकते हैं। यदि कोई विशेष स्टॉक सपोर्ट और रेजिस्टेंस सीमा को पार करता है, तो यह ट्रेडिंग करने योग्य होता है जो उसके अच्छे स्वास्थ्य और मांग को दर्शाता है।

ट्रेंड्स का एनालिसिस

चाहे वह टेक्निकल एनालिसिस टूल के इस्तेमाल की बात हो या न हो, शेयर बाजारों के मौजूदा ट्रेंड्स को समझना किसी भी निवेशक के लिए सिस्टम शेयर मार्केट चार्ट क्या है में प्रवेश करने से पहले की एक बुनियादी आवश्यकता है। व्यावहारिक निर्णय लेने के लिए वर्तमान और व्यापक डिग्री में बाजार के ट्रेंड्स को समझना आवश्यक है। टेक्निकल एनालिसिस किसी स्टॉक के ऐतिहासिक, वर्तमान, समग्र प्रदर्शन और स्वास्थ्य को सामने लाता है। फिर चाहे वह अपट्रेंड्स, डाउनट्रेंड्स या हॉरिजोन्टल ट्रेंड्स में रहें, निवेशक उसकी खरीद-बिक्री का फैसला बेहतर तरीके से ले सकेंगे।

मूल्य और वॉल्यूम एनालिसिस का कॉम्बिनेशन

अंत में, एक कॉम्बिनेशन के रूप में प्राइस मूवमेंट और वॉल्यूम का एनालिसिस अक्सर निवेशकों को किसी भी चाल की वास्तविकता का पता लगाने में मदद करता है। डिमांड और सप्लाई साइकिल दोनों पहलुओं में बदलाव को प्रभावित करती है। टेक्निकल एनालिसिस ट्रेड के वॉल्यूम के इतिहास के अवलोकन की अनुमति देता है। इससे स्टॉक्‍स के ट्रेंड्स को समझने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, जब स्टॉक का मूल्य बढ़ता है और परिणामी रूप से वॉल्यूम भी बढ़ता तो यह एक पॉजिटिव ट्रेंड की पहचान होती है। यदि ट्रेड का वॉल्यूम में मामूली वृद्धि है, तो इसे रिवर्स ट्रेंड के रूप में पहचाना जाता है। इस वजह से दो पहलुओं की कम्बाइंड स्टडी निवेशकों को पैटर्न बेहतर ढंग से समझने की अनुमति देता है।

इस वजह से, सही रणनीति के साथ निवेश करने के लिए, स्टॉक चार्ट्स के ओवरऑल असेसमेंट और उस समय के अनुसार ट्रेडिंग विकल्पों की उपलब्धता के लिए टेक्निकल एनालिसिस टूल फायदेमंद हो सकते हैं।

(लेखक एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स के चीफ एनालिस्‍ट हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)

रेटिंग: 4.76
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 325